मानकि आप सही हैं
आपने कभी किसी के साथ
गलत नहीं किया है
सबके लिए अच्छा सोचा
सबके साथ अच्छा किया
हमेशा सच का साथ दिया
फिर भी आपके साथ
गलत हो रहा है
आपकी सही बात को भी
गलत साबित कर दिया जाता है।
आप आवाज उठाने की
कोशिश करते हैं
पर आपकी आवाज को
दबा दिया जाता है
और आप कुछ भी
नहीं कर पाते
करना चाहते हैं
फिर भी मूक दर्शक बनकर
सबकुछ देखने पर मजबूर है
तो घबराओ मत
ऊपरवाला सब देख रहा है
दुनिया आपको
गलत ठहरा दे तो क्या
उसकी अदालत में
उसी को न्याय मिलेगा
जो सही है।
तुम्हारी वो सिसकियां
तुम्हारा वो आहें भरना
तुम्हारा वो दर्द से तड़पना
तुम्हारी वो रातों की बैचेनी
तुम्हारी मुस्कान के पीछे
छुपी हर मजबूरी
तुम्हारा वो अकेले में
छुपकर रोना
कुछ भी छुपा नहीं है ऊपरवाले से
तुम्हारी हरेक चीज से वाकिफ है वो
तुम्हें एकदिन जरूर न्याय मिलेगा
बस ऊपरवाले पर भरोसा रखना।
जब भी तुमने सच बोला
तुमको झूठा साबित किया गया
तुम्हारी खामोशी को
तुम्हारी कमजोरी का नाम दिया गया
अपनों ने तुम्हारा हक छीना
तुम्हें जलील किया
फिर भी तुम चुप रहकर
अपने मन को समझाते रहे।
कोई बात नहीं
तुम सही हो
ऊपरवाला सब देख रहा है
तुम किसी के सामने
खुद को सही साबित करने की
कोशिश करो भी मत
क्योंकि लोग आपको
दुनियां की नजरों में
गलत ठहरा सकते हैं
ऊपरवाले की नजरों में नहीं
बस तुम अपने मन को साफ रखो
कर्मों में सच्चाई रखो।
जो लोग तुम्हारा
बुरा सोच रहे हैं
तुम उनका
बुरा मत सोचना
जो तुम्हें गिराने में लगे हैं
तुम उन्हें गिराने की मत सोचना
क्योंकि ऊपरवाला सब देख रहा है
किसने क्या किया
किसने क्या सहा
हर बात की खबर है उसे
वो सबकी कहानी लिखता है
देर भले ही हो जाए
पर कभी किसी के साथ
अन्याय नहीं करता।
तुम किसी के बुरे व्यवहार से
अपने भीतर की अच्छाई
कभी मत खोना
लोग तुम्हें गलत समझें तो समझें
तुम खुद को गलत मत समझना
जब कोई तुम्हारे
सच पर सवाल करे
तुम सच्चाई से पीछे मत हटना।
बस तुम शांत रहना
क्योंकि हर बात का
जवाब देना जरूरी नहीं है।
अपने किए का हिसाब मत रखना
बस अपने हिस्से की अच्छाई निभाना
और जब कभी लगे कि
तुम्हारी कोई सुन नहीं रहा
तब आंखें बंद करके कहना –
” ऊपरवाला सब देख रहा है”
कर्मों का हिसाब बड़ा अनोखा होता है
यहां देर हो सकती है, अंधेर नहीं।
बस तुम अच्छे बने रहना
बाकी सब उसपर छोड़ देना
क्योंकि इंसानों से छिप सकता है इंसान
पर भगवान की नजरों से
कुछ नहीं छिपता।
बस हमेशा इतना याद रखना
कि अंधेरा चाहे कितना भी
गहरा क्यों न हो
सूरज को आने से
कभी नहीं रोक सकता।




