कितनी आसान है न आपकी जिंदगी!
जहां न कोई डर
न कोई सवाल
न असफल होने का कोई खतरा।
आप इस कंफर्ट जोन से
बाहर निकलना ही नहीं चाहते
शायद इसीलिए अपने सपनों को
कल पर टाल रहे हैं।
जरा सोचो!
सिर्फ आसान रास्तों पर चलकर
तुम वो बन सकते हो
जो बनना चाहते हो
शायद नहीं।
घर की चौखट के उस पार
एक पूरी दुनियां है
नई राहें हैं
नए चेहरे हैं
कुछ अनजाने मोड़ हैं
और उन मोड़ो के पीछे
शायद तुम्हारी मंजिल भी हो।
तुम कब तक इंतजार करोगे
सही समय का
सही मौके का
या किसी ऐसे इंसान का
जो आकर तुम्हारा हाथ थामे
तुम्हारे आगे मदद का हाथ बढ़ाए।
तुम अपने सपनों को
पूरा करने के लिए
किसी पर निर्भर नहीं रह सकते
तुम्हें खुद ही पहल करनी होगी
आगे बढ़ना होगा।
एक बात हमेशा याद रखना
मौके हमेशा दस्तक नहीं देते
कभी- कभी
हमें खुद उनके दरवाजे तक
जाना पड़ता है।
इसके लिए चलना पड़ेगा
गिरना पड़ेगा
संभलना पड़ेगा
और फिर उसी रास्ते पर
पहले से ज्यादा विश्वास के साथ
आगे बढ़ना पड़ेगा।
हो सकता है
पहली कोशिश में
नाकामयाब हो जाओ
हो सकता है
लोग तुम्हारी खिल्ली उड़ाएं
तुम्हे गिराने की कोशिश करें
हो सकता है
तुम्हारे अपने ही कहने लगें
“छोड़ दो, रहने दो
तुम नहीं कर सकते।”
लेकिन तुम्हें लोगों की बातों को
अनसुना करना होगा
कौन क्या कहता है
इससे तुम्हें
कोई फर्क नहीं पड़ना चाहिए।
क्योंकि लोगों की बातें
तुम्हारी क्षमता का
प्रमाण नहीं हो सकती।
तुम्हारी असली पहचान तो
उस दिन बनेगी
जब डर सामने होगा
और तुम फिर भी कहोगे-
“मैं कोशिश करूंगा।”
गर आज आप
खाली बैठे हैं
आपके पास कोई काम नहीं है तो
कोई हुनर सीख लो
कुछ नया पढ़ लो
आपके अंदर छुपी
किसी प्रतिभा को जगाओ।
तुम कदम बढ़ाओ तो सही
रस्ते अपने आप निकलेंगे
बस शुरुआत करने का साहस
तुम्हारे भीतर होना चाहिए।
कम्फर्ट जोन तुम्हें
सुकून दे सकता है
लेकिन तुम्हारे सपनों को
उड़ान नहीं दे सकता।
इसलिए भले ही मन में डर हो
पर अपने कदम बाहर रखो।
क्योंकि जिंदगी बदलने के लिए
हमेशा बड़ा मौका नहीं चाहिए
कभी- कभी बस
एक छोटा सा
साहसी कदम ही काफी होता है।
शायद यही छोटा सा कदम
तुम्हारी पूरी कहानी बदल दे।
क्योंकि जिंदगी
तब नहीं बदलती
जब हम
बदलाव के बारे में सोचते हैं
जिंदगी तब बदलती है
जब हम बदलाव की ओर
पहला कदम बढ़ाते हैं।




