मक्खी नहीं,मधुमक्खी बनो
मन में विचारों का सिलसिला थमता ही नहीं हैउठते- बैठते, चलते- फिरतेसोते- जागते,काम करते हुए मन में उठते रहते हैंढेर सारे सवालऔर उन ढेर सारे सवालों के पीछेऔर न जाने कितनेसवालों का सिलसिला शुरू हो जाता हैजो थमने का नाम ही नहीं लेता। मन परेशान हो जाता है कल जो हुआ उसके बारे में सोचकरकल […]
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