परिचय
जीवन हमें हर दिन कुछ नया सिखाता है। छोटी – छोटी बातें और सही आदतें ही जीवन को सफल, शांत और सार्थक बनाती हैं।
“जीवन के अनमोल सूत्र”कविता में ऐसे ही प्रेरणादायक विचारों को
सरल शब्दों में प्रस्तुत किया गया है।
यह कविता आत्मसम्मान, धैर्य, सकारात्मक सोच, संयम, अच्छे व्यवहार और कठिन परिस्थितियों में भी उम्मीद बनाए रखने की प्रेरणा देती है। यदि हम इन सूत्रों को अपनाएं तो जीवन अधिक सुखद, सफल और संतुलित बन सकता है।
आइए! पढ़ते हैं कविता ‘जीवन के अनमोल सूत्र ‘
आप न कहना सीखिए
हमेशा दूसरों के लिए उपलब्ध रहना
कभी- कभी हानिकारक बन जाता है।
अपना जरूरी काम छोड़कर
किसी का काम करना
कहां की बुद्धिमानी है।
जिस इंसान को आपकी जरूरत नहीं है
उसके पीछे भागो मत
बल्कि उसे महत्व देना कम कर दो।
जो इंसान खुद को बुद्धिमान समझते हों
अपनी हर गलत बात को सही साबित करना चाहते हो
जिन्हें अपनी बात मनवाने की आदत हो
उनसे बेकार की बहस मत करो।
जहां तुम्हारा मान- सम्मान न हो
वहां भूलकर भी कदम मत रखो।
विपत्ति में घबराओ मत
ईश्वर पर भरोसा बनाए रखो
हिम्मत से काम लो
मन में उम्मीद बनाए रखो
यह सोचकर खुश रहो कि
कि एक दिन अच्छा वक्त जरूर आएगा
सचमुच! एकदिन तुम्हारा अच्छा वक्त जरूर आएगा।
जहां तुम्हारी बात कोई सुन न रहा हो
वहां बेवजह मत बोलो
सलाह वही दो
जहां मांगी जाती हो
बेवजह का सलाहकार बनने की
कोशिश मत करो
जिस इंसान से एक बार
धोखा मिल जाए
दोबारा उसपर कभी
विश्वास मत करो
भावनाओं में बहकर कभी उसकी
चिकनी – चिपड़ी बातों में मत आओ
वरना फिर धोखा खाकर ऐसे गिरोगे
कि उठना मुश्किल हो जाएगा।
शब्द बंदूक की गोली के समान होते हैं
जिसके जख्म कभी भरते नहीं हैं
इसलिए जब भी बोलो
सोच – समझकर बोलो
क्रोध में आकर इंसान
ऐसा बहुत कुछ कर जाता है
जिसका बाद में पछतावा होता है
इसलिए जब भी गुस्सा आए
आपे से बाहर न हो
खुद पर संयम बनाए रखो
कुछ भी मत बोलो
बस चुप रहो।
सुनो सबकी, करो मन की
जिंदगी में यही सिद्धांत अपनाओ
वही करो जो आपको अच्छा लगता है
फिर चाहे लोग कुछ भी कहे
क्या फर्क पड़ता है।
एक बार, दो बार, तीन बार…
चाहे कितनी भी बार
असफल हो जाओ
असफलता से डरो मत
बल्कि कहो कि
देखता हूं तू कब तक
मेरा पीछा करेगी
मेहनत इतनी करो कि
एकदिन असफलता भी
तुमसे डरकर भाग जाए
फिर तुम्हारा सफल होना तय है।





