मैं अब वो नहीं रही
जो मैं पहले हुआ करती थी
जो मैं सबकी परवाह में
खुद को ही भूल जाया करती थी।
मैंने हर बार तुम्हें
एक और मौका दिया
तुम्हें अपनी गलतियों को
महसूस करने का
उन्हें सुधारने का
मैने तुम्हारी ज्यादियों को बर्दाश्त किया
मैंने तुम्हारे जुल्मों को सहा
कितनी ही बार
तुमने मुझे बेइज्जत किया
दूसरों के सामने नीचा दिखाया
फिर भीड़ मैं अपमान का घूंट
पीकर रह गई
तुमने हर बार मुझे
कमजोर समझकर ठुकराया
मेरी खामोशी को
मेरी कमजोरी समझा
और मेरे प्यार को मजबूरी समझा
मैंने तुम्हारे लिए
वो सबकुछ किया
जो मैं नहीं करना चाहती थी
मैं तुम्हारी हर एक कमी को
अपनी कमी समझकर ढोती रही
मैंने तुम्हारे लिए
हर बार खुद को बदला
अपनी खुशियों को पीछे रखा
तुम्हारे लिए हर दर्द सहा
अंदर से टूटकर भी मुस्कुराती रही
सिर्फ इस रिश्ते को बचाने की खातिर
सिर्फ इसलिए कि शायद
एकदिन तुम समझोगे
मेरी खामोशी के पीछे छुपे दर्द को
एकदिन तुम पढ़ पाओगे
एक उम्मीद तब भी जिंदा थी
कि एकदिन जरूर तुम
अपनी गलतियों को महसूस करोगे
और कहोगे कि
तुम सही थी
मैं गलत था
पर नहीं! ऐसा कुछ नहीं हुआ
तुम मेरे लिए
जैसे कल थे,वैसे ही आज हो
क्योंकि तुम्हें लगता है कि
तुम जो कर रहे हो
वह सही है।
जब तुम्हें अपनी गलतियों का
एहसास ही नहीं है
तो भला उन्हें सुधारोगे कैसे
तुमसे कोई उम्मीद करना ऐसा है
जैसे रेगिस्तान में पानी खोजना
सुनो! अब तुम मुझसे
किसी प्रकार की कोई उम्मीद मत रखना
बस बहुत हो गया
अब मैं समझ गई हूं
हर रिश्ता निभाना जरूरी नहीं
जहां सम्मान न मिले
वहां रुकना भी जरूरी नहीं
अब मैं अपनी गलतियों को
महसूस करने लगी हूं
जो कभी खुद को भूल गई थी
अब खुद को पहचानने लगी हूं
अब मैं तुम्हारे आगे
न रोऊंगी
न झुकूंगी
और न गिड़गिड़ाऊंगी
जो सही होगा, वही कहूंगी
गलत होगा तो चुप नहीं रहूंगी
तुम मुझे समझोगे या नहीं
अब इसकी परवाह नहीं है मुझे
तुम मेरे साथ चलोगे या नहीं
अब इसकी भी कोई चाह नहीं है मुझे
मैंने खुद को फिर से संभाला है
अपने बिखरे सपनों को संवारा है
अब मुझे जरूरत नहीं है
किसी के सहारे की
मैं किसी की मोहताज नहीं हूं
अब मैं अपनी मंजिल के लिए
खुद रास्ते बनाऊंगी
गिर भी जाऊं अगर
तो खुद ही उठ जाऊंगी
अब हर बार किसी को खुश करने की
कोशिश नहीं करूंगी
उसका साथ दूंगी
जो मुझे समझेगा
अब मेरी खामोशी को
मेरी कमजोरी मत समझना
मैने चुप रहना सीखा है
लेकिन खुद के लिए
लड़ना भी सीखा है
अब मैं पहले जैसी नहीं रही
अब अपनी कीमत का अंदाजा है मुझे
अपने अस्तित्व का एहसास है
जो कल तक तुम्हारे लिए
हर दर्द सहने को तैयार थी
आज वही अपने सम्मान के लिए
हर गलत चीज से इनकार करती है।
अब न झूठे वादों का इंतजार है
न किसी अधूरे रिश्ते की आस है
अब मेरे चेहरे की मुस्कान में
मेरे अपने होने का एहसास है
तुम्हें शायद लगेगा
कि मैं बदल गई हूं
हां, मैं बदल गई हूं
क्योंकि अब मैं खुद के लिए
खड़ी हो गई हूं
अब मैं वो नहीं रही
जो खुद से पहले
सबको रखती थी
अब मैं वो हूं
जो अपनी खुशियों की भी
कीमत समझती है
हां, मैं बदल गई हूं
और मुझे इस बदलाव पर गर्व है
क्योंकि अब मेरी जिंदगी में
सबसे पहले मेरा आत्मसम्मान है
अब मैं वो नहीं रही
जो तुम्हारे हिसाब से जीती थी
अब मैं वो हूं
जो अपनी जिन्दगी
अपनी शर्तों पर जीती है
और क्यों न जिऊं
मुझे पूरा अधिकार है
अपनी तरीके से अपनी जिन्दगी जीने का
मैं अपने सपनों को
एक नई उड़ान देना चाहती हूं
जो बरसों पहले
तुम्हारे साथ मिलकर संजोए थे
मुझे इस बात का दुख नहीं है
कि तुम मेरे साथ नहीं हो
मुझे इस बात की खुशी है कि
मेरे सपने अब भी मेरे साथ हैं
और मैं अपने उन सपनों को
नए पंख देना चाहती हूं
महत्वाकांक्षाओं के आसमान में
उड़ान भरने के लिए।





