सुनो! मेरी खामोशी मेरी कमजोरी नहीं है
तुम मेरी इस खामोशी को
मेरी कमजोरी समझने की भूल
करना भी मत।
लोगों की हर बात का जवाब दूं
यह कोई जरूरी नहीं है मेरे लिए
हर शोर में अपनी आवाज मिलाना
कोई बहुत बड़ी समझदारी नहीं है
मुझे आता है
खामोशी से लोगों को जबाव देना।
और फिर अगर मैं
लोगों की फालतू बातों का
जवाब देने बैठ गई तो
बस उसी में उलझकर रह जाऊंगी
जिंदगी में कभी
कुछ नहीं कर पाऊंगी।
शायद यह तुम्हारी
बहुत बड़ी गलतफहमी है
कि जो लोग ज्यादा बोलते है
वो बहुत ताकतवर होते हैं।
तो यह बात ध्यान रखना
शेर जंगल का राजा होता है
पर हर आहट पर
दहाड़ता नहीं है
अपनी ताकत दिखाने के लिए
हर किसी से लड़ता नहीं है।
वो शांत रहता है
क्योंकि उसे खुदपर भरोसा होता है
वह मौन रहकर भी
अपनी ताकत का एहसास करा देता है।
जो हर बात पर बोलते हैं
टीका-टिप्पणी करते हैं
उन्हें बेझिझक बोलने दो
कोई लाख कोशिश कर ले
पर ऐसे लोग अपनी आदत से
कभी बाज नहीं आते
इसलिए मुझे ऐसे लोगों से
कोई फर्क नहीं पड़ता
वो बोलते रहेंगे
और मैं बिना रुके
अपने रास्ते पर चलती रहूंगी।
हर बात का जवाब देना
अपने मन की शांति को खोना है
कभी- कभी चुप रह जाना ही
सबसे सुंदर जवाब होता है
जो लोग मुझे कमजोर समझते हैं
तो उन्हें समझने दो
जो लोग मेरी खामोशी को
मेरी हार समझते हैं
तो उन्हें समझने दो
मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता
उनके कुछ समझने, नहीं समझने से।
मुझे किसी के सामने
अपनी कीमत नहीं बताना है
जो नहीं समझे
उसे सफाई पेश नहीं करना है
मुझे हर छोटी बात पर
लड़ना नहीं है
छोटी- छोटी बातों को
दिल पर नहीं लेना है
क्योंकि मुझे शेर की तरह
जीना पसंद है
कुत्तों की तरह भौंकना नहीं।
समय को अपना काम करने दो
सच एकदिन खुद सामने आएगा
बस मुझे अपने कर्मों पर
विश्वास रखना है
और मन में
शांति बनाए रखना है।
असली ताकत आवाज में नहीं
बल्कि संयम में होती है
इसलिए मुझे खुद पर जीत पाना है
यही मेरी सबसे बड़ी जीत होगी।
तुम मेरी खामोशी को
मेरी हार मत समझना
मैं इसलिए शांत हूं
क्योंकि मुझे अपनी ताकत का
दिखावा करने की जरूरत नहीं है।
मैं जवाब जरूर दूंगी
पर शब्दों से नहीं
अपने कर्मों से दूंगी।
बस वक्त आने दो
तुम्हें ऐसा जवाब दूंगी
कि तुम जिंदगीभर
मेरी खामोशी को याद रखोगे।




